प्रक्रिया

लेप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन (TEP / TAPP)

हर्निया पेट की दीवार में बना एक छेद है, और छेद को न कोई पट्टा बंद कर सकता है न दवा। जानिए दूरबीन से मेश लगाने का ऑपरेशन असल में कैसा होता है और उसके बाद के हफ्ते कैसे गुजरते हैं।

चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. मुरलीधर बोब, MS, FAIS, DLS, FMAS — लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट

यह क्या है

लेप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन यानी पेट की दीवार की कमजोर जगह को भीतर से, मेश लगाकर, तीन छोटे छेदों के जरिए बंद करना — उभार के ठीक ऊपर चीरा लगाए बिना। इसकी दो मानक तकनीकें हैं: TEP (टोटली एक्स्ट्रापेरिटोनियल) और TAPP (ट्रांसएब्डॉमिनल प्रीपेरिटोनियल)। दोनों थोड़े अलग रास्तों से एक ही जगह पहुँचती हैं और नतीजा लगभग एक जैसा देती हैं; कौन-सी अपनानी है, यह सर्जन आपके हर्निया और पहले हुई किसी सर्जरी को देखकर तय करता है।

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर्निया कोई गाँठ या रसौली नहीं है। वह एक छेद है। पेट की दीवार में कुछ कुदरती कमजोर जगहें होती हैं — सबसे ज्यादा जांघ के जोड़ पर, जहाँ से नसें और नलियाँ अंडकोष या जांघ की ओर जाती हैं — और जब वहाँ की परतें ढीली पड़ जाती हैं तो चर्बी या आँत का एक हिस्सा उसमें से खिसककर त्वचा के नीचे उभार बनकर दिखता है। यही वजह है कि कोई गोली, कोई तेल या कोई कसरत हर्निया को ठीक नहीं कर सकती। दीवार में बने छेद को ढकना ही पड़ता है।

यह ढकने का काम मेश करता है। यह एक मुलायम चादर होती है जो छेद के पीछे बिछाई जाती है — इतनी चौड़ी कि उस पूरे हिस्से की सभी कमजोर जगहें एक साथ ढँक जाएँ — और शुरू में पेट के भीतर का दबाव ही उसे वहाँ टिकाए रखता है। आने वाले हफ्तों में आपके अपने ऊतक उसमें उग आते हैं और मरम्मत स्थायी हो जाती है।

किसे जरूरत होती है

  • इंग्वाइनल हर्निया — जांघ के जोड़ का आम हर्निया, और हमारे यहाँ होने वाले ज्यादातर ऑपरेशन इसी के होते हैं।
  • फीमोरल हर्निया, जो थोड़ा नीचे और भीतरी जांघ की ओर होता है और महिलाओं में ज्यादा दिखता है। ये इंग्वाइनल हर्निया के मुकाबले कहीं जल्दी फँस जाते हैं, इसलिए छोटे और दर्दरहित होने पर भी हम इनका ऑपरेशन कराने की सलाह देते हैं।
  • दोनों तरफ के हर्निया, जहाँ एक ही ऑपरेशन में दोनों ठीक हो सकते हैं।
  • दोबारा हुआ हर्निया, जो पहले खुले ऑपरेशन के बाद लौट आया हो — ऐसे में दूरबीन का रास्ता अक्सर बेहतर होता है, क्योंकि वह पुरानी सर्जरी के निशान वाले ऊतकों से होकर नहीं जाता।
  • नाभि, नाभि के पास और छोटे इंसिज़नल हर्निया, चुनिंदा मरीजों में।
  • ऐसा कोई भी हर्निया जो बढ़ रहा हो, दर्द या खिंचाव देता हो, दिन ढलते-ढलते भारी लगने लगे, या भीतर धकेलना मुश्किल होता जा रहा हो।
  • वह हर्निया जो भीतर जाता ही न हो, खासकर दर्द, उल्टी या छूने में दुखती गाँठ के साथ — यह आपातकाल है, अपॉइंटमेंट का विषय नहीं।

“दर्द तो होता नहीं। क्या मैं हर्निया बेल्ट पहनकर काम नहीं चला सकता?” बेल्ट जब तक पहनी है तब तक उभार को भीतर दबाए रखती है — बस इतना ही करती है। वह किसी चीज़ की मरम्मत नहीं करती, और असली खतरे को नहीं टालती — आँत का एक हिस्सा भीतर फँस जाना, जिससे एक घंटे का नियोजित ऑपरेशन एक बीमार मरीज की आपातकालीन सर्जरी में बदल जाता है। अगर आप बाकी तौर पर सेहतमंद हैं तो बेल्ट फैसला लेने का नहीं, फैसला टालने का तरीका है। अपवाद जरूर हैं: दिल या फेफड़े की गंभीर बीमारी वाले बुजुर्ग पुरुष में छोटे, मुलायम और दर्दरहित हर्निया को देखते हुए छोड़ा जा सकता है। यह फैसला सर्जन के साथ मिलकर लेने का है।

ऑपरेशन कैसे होता है

आप जनरल एनेस्थीसिया में पूरी तरह सोए हुए होते हैं।

TEP में नाभि के ठीक नीचे एक छोटा चीरा लगाकर पेट की भीतरी झिल्ली के आगे की जगह — मांसपेशी और पेरिटोनियम के बीच — खोली जाती है और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड भरकर काम करने की जगह बनाई जाती है। पेट की गुहा में जाना पड़ता ही नहीं। दो और पतले पोर्ट बीच की सीध में लगाए जाते हैं। इसी जगह में काम करते हुए हर्निया की थैली को कॉर्ड की संरचनाओं से अलग करके भीतर लौटाया जाता है, उस पूरे कमजोर हिस्से को सामने लाया जाता है, और लगभग 15 × 10 सेंटीमीटर का मेश सपाट बिछा दिया जाता है। फिर गैस धीरे-धीरे निकाली जाती है ताकि झिल्ली वापस बैठकर मेश को अपनी जगह दबाए रखे।

TAPP में दूरबीन सीधे पेट की गुहा में जाती है, हर्निया वाले हिस्से के ऊपर की झिल्ली को एक परत की तरह खोला जाता है, वही सफाई और मेश लगाने का काम किया जाता है, और अंत में उस परत को मेश के ऊपर बंद कर दिया जाता है। TAPP में नजारा ज्यादा चौड़ा मिलता है, इसलिए फँसे हुए, बहुत बड़े या दोनों तरफ जाँचने लायक हर्निया में अक्सर यही चुना जाता है।

दोनों तरफ के हर्निया में एक ही बैठक में, उन्हीं तीन पोर्ट से दोनों तरफ का काम हो जाता है। पोर्ट 5 से 10 मिलीमीटर के होते हैं और त्वचा के नीचे घुल जाने वाले टाँकों से बंद किए जाते हैं, इसलिए बाद में कुछ निकलवाना नहीं पड़ता।

एनेस्थीसिया, अवधि और अस्पताल में रुकना

दूरबीन वाले ऑपरेशन के लिए जनरल एनेस्थीसिया। (इसके उलट, खुला ऑपरेशन स्पाइनल या लोकल एनेस्थीसिया में भी हो सकता है — इसीलिए कुछ मरीजों के लिए वही सही जवाब रहता है।)

एक तरफ की मरम्मत में 45 से 90 मिनट लगते हैं। दोनों तरफ मिलाकर 90 से 120 मिनट, और हर्निया बड़ा, पुराना या पहले ऑपरेशन किया हुआ हो तो कभी-कभी उससे भी ज्यादा।

ज्यादातर लोग ऑपरेशन वाली सुबह भर्ती होते हैं और उसी शाम या अगली सुबह घर चले जाते हैं — यानी डे-केयर या एक रात। कुछ ही घंटों में आप बैठकर पानी पीने लगते हैं, रात का सामान्य खाना खाते हैं और बिना सहारे बाथरूम तक चलते हैं। बुजुर्ग मरीज, दूसरी बीमारियों वाले लोग और आपातकालीन भर्ती वाले ज्यादा दिन रुकते हैं।

रिकवरी

पहला दिन। जांघ के जोड़ और नाभि वाले पोर्ट के आसपास दर्द, जो खाने वाली दर्दनिवारक दवाओं से अच्छी तरह काबू में रहता है। कुछ पुरुषों को अंडकोष में हल्की सूजन या नीलापन दिखता है — देखने में यह डरावना लगता है पर लगभग हमेशा हानिरहित होता है और एक से तीन हफ्ते में उतर जाता है। उसी शाम उठकर चलिए; इससे सब कुछ सचमुच तेजी से ठीक होता है।

पहला हफ्ता। खाँसने, छींकने और बिस्तर से उठने पर तकलीफ होना सामान्य है। खाँसते समय उस जगह को हाथ से सहारा दीजिए। दो-तीन दिन पट्टी सूखी रखिए, फिर सामान्य रूप से नहाइए। खाना सामान्य रखिए, पानी खूब पीजिए और पेट साफ रखिए — शौच के समय जोर लगाना ही वह एक चीज़ है जिससे सबसे ज्यादा बचना है। ज्यादातर लोग चौथे-पाँचवें दिन तक दर्दनिवारक छोड़ देते हैं।

दूसरे से चौथे हफ्ते। ऑफिस का काम, गाड़ी चलाना, चलना, सीढ़ियाँ और घर का रोजमर्रा का उठाना-रखना सब ठीक है। मेश वाली जगह पर कसाव या एक सख्त-सी रेखा महसूस होना अपेक्षित है और धीरे-धीरे कम हो जाता है। घाव पूरी तरह भर जाने के बाद तैराकी भी।

छह हफ्ते तक। जिम, साइकिल, खेत का काम, फैक्ट्री का काम, भारी वजन — सब कुछ। तब तक मेश अच्छी तरह जम चुका होता है। बस तीन छोटे निशान बचते हैं, जिन्हें ज्यादातर मरीज साल भर के भीतर देखना ही बंद कर देते हैं।

आमतौर पर हम आपको करीब एक हफ्ते बाद और फिर छह हफ्ते बाद दिखाने बुलाते हैं।

दूरबीन से क्यों, खुले ऑपरेशन से क्यों नहीं

खुला ऑपरेशन — जांघ के जोड़ पर चीरा और सामने से मेश टाँकना — एक अच्छा ऑपरेशन है और कई हालात में आज भी सही विकल्प है। लेकिन बहुत से मरीजों के लिए दूरबीन वाले तरीके के व्यावहारिक फायदे साफ हैं।

मेश छेद के पीछे बैठता है, आगे नहीं — इसलिए पेट के भीतर का दबाव उसे दीवार से चिपकाए रखता है, हटाने की कोशिश नहीं करता। दोनों तरफ की मरम्मत एक ही बेहोशी में, उन्हीं तीन छेदों से हो जाती है। जांघ के जोड़ पर कोई चीरा नहीं लगता, जिससे पहले हफ्ते में दर्द कम रहता है, काम पर लौटना जल्दी होता है — आमतौर पर एक हफ्ता, न कि दो-तीन — और खुले ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों को होने वाली लंबे समय की तकलीफ की आशंका भी कम रहती है। जो हर्निया पहले खुले ऑपरेशन के बाद दोबारा हुआ हो, उसमें दूरबीन का रास्ता पुराने निशान वाले ऊतकों से बचकर निकल जाता है।

ईमानदार दूसरा पहलू यह है: खुले ऑपरेशन में जनरल एनेस्थीसिया की जरूरत नहीं पड़ती, जो दिल या फेफड़े की गंभीर बीमारी वाले मरीज के लिए मायने रखता है। अंडकोष तक उतर आए बहुत बड़े हर्निया में भी अक्सर वही ज्यादा समझदारी भरा विकल्प होता है। और किसी भी दूरबीन ऑपरेशन की तरह, रचना मुश्किल निकलने पर खुले ऑपरेशन में बदलने की थोड़ी संभावना रहती है — यह फैसला आपकी सुरक्षा के लिए लिया जाता है, नाकामी के तौर पर नहीं।

जोखिम और जटिलताएँ

  • सीरोमा — जहाँ पहले हर्निया था वहाँ पानी जैसा तरल जमा हो जाना। यह आम है, मरीज अक्सर इसे हर्निया लौट आना समझ बैठते हैं, और कुछ हफ्तों में यह अपने आप सोख लिया जाता है।
  • अंडकोष या जांघ के जोड़ की त्वचा पर सूजन और नीलापन।
  • पेशाब रुक जाना पहले दिन, खासकर प्रोस्टेट बढ़े हुए बुजुर्ग पुरुषों में; थोड़े समय के लिए कैथेटर लगाकर यह ठीक हो जाता है।
  • जांघ के जोड़ में लंबे समय तक दर्द थोड़े लोगों में, मरम्मत वाली जगह के आसपास की नसों में जलन के कारण।
  • हर्निया का दोबारा होना — अच्छे मेश ऑपरेशन के बाद कम ही होता है, पर असंभव नहीं।
  • संक्रमण, पोर्ट वाली जगह पर या कभी-कभार मेश में।
  • मूत्राशय, आँत या रक्तवाहिनियों को चोट सफाई या पोर्ट लगाते समय — दुर्लभ, पर संभव।
  • वास डिफरेंस या अंडकोष की रक्तवाहिनियों को चोट, इसीलिए कॉर्ड के आसपास का काम इतनी सावधानी से किया जाता है।
  • खुले ऑपरेशन में बदलना।
  • एनेस्थीसिया से जुड़े जोखिम, जिन पर एनेस्थेटिस्ट अलग से आपसे बात करेंगे।

विकल्प

देखते हुए इंतजार करना उस बुजुर्ग या गंभीर बीमारी वाले पुरुष के लिए वाजिब विकल्प है जिसका इंग्वाइनल हर्निया छोटा, मुलायम और दर्दरहित हो — बशर्ते उसे खतरे के लक्षण मालूम हों और गाँठ सख्त या दर्दभरी होते ही वह तुरंत आ जाए। फीमोरल हर्निया में या लक्षण देने वाले किसी भी हर्निया में यह ठीक नहीं है।

ट्रस या हर्निया बेल्ट उभार को दबाकर रखती है; इलाज नहीं करती, और लंबे समय तक पहनने से आसपास के ऊतक बाद में ऑपरेशन के लिए कठिन हो सकते हैं।

खुला मेश ऑपरेशन (लिचेनस्टीन) एक अच्छी तरह परखा हुआ ऑपरेशन है, स्पाइनल या लोकल एनेस्थीसिया में हो सकता है, और अंडकोष तक उतरे बड़े हर्निया या जनरल एनेस्थीसिया के लिए अनुपयुक्त मरीजों के लिए अच्छा विकल्प बना हुआ है।

बिना मेश का खुला ऑपरेशन अब खास हालात के लिए ही रखा जाता है, जैसे संक्रमित जगह, क्योंकि इसमें हर्निया दोबारा होने की दर ज्यादा है।

ऐसी कोई दवा नहीं है जो हर्निया को बंद कर दे। जो मदद जरूर करता है वह है उन कारणों का इलाज जो लगातार उस पर जोर डालते हैं — पुरानी खाँसी, कब्ज, पेशाब में जोर लगाना, धूम्रपान और बढ़ा हुआ वजन। हमारा जनरल सर्जरी एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग पेज बताता है कि हमारी सर्जिकल टीम और क्या-क्या करती है, और अगर आप एक दूसरे आम दूरबीन ऑपरेशन के बारे में सोच रहे हैं तो लेप्रोस्कोपिक पित्ताशय की सर्जरी वाला पेज इसी तरह लिखा गया है।

खर्च कितना आता है

शुभम हाई-टेक हॉस्पिटल में लेप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन: ₹51,000 – ₹85,000। यह एक सर्व-समावेशी आंकड़ा है जिसमें सर्जन की फीस, ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया, मेश, सामान्य अवधि का कमरा किराया, दवाइयाँ और नियमित जाँचें शामिल हैं।

कृपया ध्यान दें: ऊपर दिए गए आंकड़े एक सामान्य मामले के लिए अनुमानित हैं। वास्तविक खर्च आपकी स्थिति, सर्जरी की जटिलता, आपके द्वारा चुने गए कमरे की श्रेणी, अस्पताल में रुकने की अवधि और किसी भी जटिलता पर निर्भर करता है। डीलक्स और सुपर डीलक्स कमरों का शुल्क अधिक होता है। आपातकालीन भर्ती तथा रात या अवकाश के दिन की सर्जरी पर अतिरिक्त शुल्क लगता है। ये शुल्क बिना पूर्व सूचना के बदल सकते हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने मामले के लिए लिखित अनुमान हेतु कृपया +91-8668954915 पर कॉल करें।

ऑपरेशन की तैयारी

  • अपनी सोनोग्राफी या सीटी रिपोर्ट साथ लाइए, और अगर पहले हर्निया का ऑपरेशन हुआ है तो उसके कागज भी।
  • अपनी सारी दवाइयों की सूची बनाइए। एस्पिरिन, क्लोपिडोग्रेल और वारफरिन जैसी खून पतला करने वाली दवाओं के लिए योजना बनानी पड़ती है — इन्हें खुद से कभी बंद न करें।
  • डायबिटीज, दिल की बीमारी, दमा, प्रोस्टेट की तकलीफ और पेट या पेडू की पहले हुई किसी सर्जरी के बारे में हमें बताइए।
  • भर्ती से पहले आमतौर पर खून की सामान्य जाँचें, ईसीजी और छाती का एक्स-रे कराए जाते हैं।
  • अगर आप धूम्रपान करते हैं तो दो हफ्ते पहले भी छोड़ देने से छाती की जटिलताएँ मापने लायक हद तक घट जाती हैं और मरम्मत बेहतर टिकती है।
  • पुरानी खाँसी या कब्ज का इलाज ऑपरेशन के बाद नहीं, पहले करा लीजिए।
  • जब तक अलग से न कहा जाए, ऑपरेशन से छह घंटे पहले कुछ खाना नहीं और दो घंटे पहले कुछ पीना नहीं।
  • थिएटर जाने से ठीक पहले पेशाब कर लीजिए; इससे बाद में पेशाब रुकने की आशंका घटती है।
  • कसा हुआ अंडरवियर या स्क्रोटल सपोर्ट लाइए — इससे पहला हफ्ता काफी आरामदेह हो जाता है।
  • रात के लिए एक परिचारक और घर ले जाने के लिए किसी का साथ तय कर लीजिए।
  • काम से करीब एक हफ्ता और भारी वजन उठाने से चार से छह हफ्ते खाली रखिए।

हर्निया कम ही आपातकाल बनता है, पर जब बनता है तो बिना चेतावनी के बनता है। अगर जांघ के जोड़ पर उभार है — चाहे नया हो या सालों से साथ रह रहा हो — अपनी रिपोर्ट लेकर शुभम हाई-टेक हॉस्पिटल, अमरावती की सर्जिकल टीम से मिलिए, और हम ईमानदारी से बताएँगे कि इसका ऑपरेशन अभी जरूरी है, बाद में, या बस देखते रहना काफी है। +91-8668954915 पर कॉल कीजिए, यहाँ संपर्क कीजिए, या हमारी सभी प्रक्रियाएँ देखिए

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। कृपया अपनी स्थिति के अनुसार मार्गदर्शन के लिए किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बिना ऑपरेशन के हर्निया ठीक हो सकता है?

नहीं, और यह बात साफ कह देना ही बेहतर है — बजाय इसके कि आप पैसे और समय गँवाकर खुद जानें। हर्निया मांसपेशी की परत में बना एक छेद है। गोलियाँ, तेल, पट्टे और कसरत कुछ समय के लिए आराम दे सकते हैं, पर इनमें से कोई भी छेद को बंद नहीं करता। उसे सिर्फ ऑपरेशन बंद करता है। सर्जन से चर्चा करने लायक बात यह है कि ऑपरेशन कब करवाना है — यह नहीं कि करवाना है या नहीं।

क्या मेश सुरक्षित है? इंटरनेट पर तो डरावनी बातें पढ़ी हैं।

हर्निया के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला मेश दशकों से नियमित रूप से लगाया जा रहा है और सर्जरी के सबसे अधिक अध्ययन किए गए इम्प्लांट में से एक है। इंटरनेट पर मिलने वाली ज्यादातर डरावनी सामग्री दरअसल एक अलग चीज़ के बारे में है — महिलाओं की पेल्विक फ्लोर सर्जरी में इस्तेमाल होने वाला मेश — जो खोज परिणामों में हर्निया मेश के साथ मिल जाता है। हर्निया में मेश लगाने से बीमारी के दोबारा होने की आशंका काफी घट जाती है। कुछ थोड़े लोगों को ऑपरेशन वाली जगह पर लंबे समय तक हल्की तकलीफ रह सकती है, और सहमति लेने से पहले हम आपसे यह ईमानदारी से बात करेंगे।

दोनों तरफ उभार है। क्या दो ऑपरेशन करने पड़ेंगे?

यहीं दूरबीन वाले ऑपरेशन की असली उपयोगिता दिखती है। बीच में बने उन्हीं तीन छेदों से दोनों तरफ पहुँचा जाता है, इसलिए दोनों तरफ की मरम्मत एक ही बार में होती है — एक बेहोशी, एक रिकवरी, एक खर्च। खुले ऑपरेशन में दो अलग चीरे और आमतौर पर दो अलग भर्तियाँ लगतीं।

काम पर और वजन उठाने पर कब लौट सकते हैं?

ऑफिस का काम करीब एक हफ्ते में। गाड़ी तब चलाइए जब बिना झिझक के जोर से ब्रेक लगा सकें — आमतौर पर पाँच से सात दिन में। रोजमर्रा का वजन — बाल्टी, बच्चा, सूटकेस — करीब दो हफ्ते बाद। भारी वजन, जिम और खेत का काम चार से छह हफ्ते बाद, जब मेश ठीक से जम जाए। अगर आपका काम शारीरिक मेहनत का है तो हमें बताइए — हम किताबी नहीं, व्यावहारिक तारीख देंगे।

क्या हर्निया दोबारा हो सकता है?

हो सकता है, लेकिन सही तरीके से किए गए मेश ऑपरेशन के बाद ऐसा कम ही होता है। जोखिम बढ़ाने वाली चीजें हैं — धूम्रपान, पुरानी खाँसी, कब्ज या प्रोस्टेट की वजह से जोर लगाना, मोटापा, और बहुत जल्दी भारी वजन उठाना शुरू कर देना। इन्हें ठीक करना ऑपरेशन जितना ही जरूरी है — इसीलिए हम ये सवाल पहली ही मुलाकात में पूछते हैं, आखिरी में नहीं।

मेरी उम्र 70 है और डायबिटीज भी है। क्या ऑपरेशन ठीक रहेगा?

सिर्फ उम्र ऑपरेशन से इनकार करने की वजह नहीं है। मायने यह रखता है कि दिल, फेफड़े, शुगर नियंत्रण और सामान्य सेहत कैसी है, जिसकी जाँच हम पहले करते हैं। कई बुजुर्ग मरीजों के लिए सुरक्षित रास्ता यही होता है कि तबीयत ठीक रहते हुए नियोजित ऑपरेशन करा लें, बजाय इसके कि हर्निया फँस जाने पर रात दो बजे आपातकालीन सर्जरी करानी पड़े। अगर जनरल एनेस्थीसिया वाकई जोखिम भरा हो, तो स्पाइनल या लोकल एनेस्थीसिया में खुला ऑपरेशन एक बहुत अच्छा विकल्प है।

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